मेरी ज़िंदगी से जुदा
एक अधूरी कहानी की शायरी
मेरी ज़िंदगी से जुदा होकर भी,
तू हर साँस में शामिल है।
तेरे बिना जो अधूरी थी कहानी,
आज भी उसी मोड़ पर क़ायम है।
यादों का सफ़र
वक़्त ने बहुत कुछ बदल दिया,
पर तेरी यादों को नहीं।
तू दूर होकर भी इतना क़रीब है,
जैसे दिल ने कभी छोड़ा ही नहीं।
एहसास जो कभी जुदा न हुआ
कुछ रिश्ते नाम के मोहताज नहीं होते,
वो एहसास बनकर साथ चलते हैं।
मेरी ज़िंदगी से जुदा सही,
पर मेरी रूह में आज भी रहते हैं।