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मेरी ज़िंदगी से जुदा एक अधूरी कहानी की शायरी

 मेरी ज़िंदगी से जुदा
एक अधूरी कहानी की शायरी 

मेरी ज़िंदगी से जुदा होकर भी,

तू हर साँस में शामिल है।

तेरे बिना जो अधूरी थी कहानी,

आज भी उसी मोड़ पर क़ायम है।

यादों का सफ़र

वक़्त ने बहुत कुछ बदल दिया,

पर तेरी यादों को नहीं।

तू दूर होकर भी इतना क़रीब है,

जैसे दिल ने कभी छोड़ा ही नहीं।

एहसास जो कभी जुदा न हुआ

कुछ रिश्ते नाम के मोहताज नहीं होते,

वो एहसास बनकर साथ चलते हैं।

मेरी ज़िंदगी से जुदा सही,

पर मेरी रूह में आज भी रहते हैं। 


✏Govind Vishwas 🔇

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 ये लफ़्ज़ किसी और के लिए हो ही नहीं सकते, जो दिल में है, वही लिखा है, कोई कहानी नहीं। तू सामने हो तो बातों में ठहराव आ जाता है, वरना मेरी ख़ामोशी भी इतनी सुकून वाली नहीं। मैंने कभी ये नहीं कहा कि तू मेरी हो जाए, बस इतना माना है कि तू ज़रूरी है कहीं। अगर तुझे लगे ये सब अचानक सा है, तो जान लेना — ये जज़्बा नया नहीं। तेरे बिना भी जी लूँगा, ये सच है शायद, पर तेरे साथ ज़िंदगी थोड़ी बेहतर सही। ये कोई फ़ैसला नहीं, न कोई सवाल है, बस दिल ने कहा — बता दूँ, चुप रहना सही नहीं। अगर तू समझ जाए इन लफ़्ज़ों की सच्चाई, तो बस वही काफ़ी है, हाँ या ना ज़रूरी नहीं।