तेरे साथ ज़िंदगी थोड़ी बेहतर”#HindiShayari #IshqKeAlfaaz #DilKiBaat #LovePoetry #ShayariBlog #GovindWrites #VishwasKash
ये लफ़्ज़ किसी और के लिए हो ही नहीं सकते,
जो दिल में है, वही लिखा है, कोई कहानी नहीं।
तू सामने हो तो बातों में ठहराव आ जाता है,
वरना मेरी ख़ामोशी भी इतनी सुकून वाली नहीं।
मैंने कभी ये नहीं कहा कि तू मेरी हो जाए,
बस इतना माना है कि तू ज़रूरी है कहीं।
अगर तुझे लगे ये सब अचानक सा है,
तो जान लेना — ये जज़्बा नया नहीं।
तेरे बिना भी जी लूँगा, ये सच है शायद,
पर तेरे साथ ज़िंदगी थोड़ी बेहतर सही।
ये कोई फ़ैसला नहीं, न कोई सवाल है,
बस दिल ने कहा — बता दूँ, चुप रहना सही नहीं।
अगर तू समझ जाए इन लफ़्ज़ों की सच्चाई,
तो बस वही काफ़ी है, हाँ या ना ज़रूरी नहीं।
